Thursday, 29 October 2015

पिंकिया के माई.....

हमार पिंकिया के माई.....

तहरा के गोड़ लागतानी..

उम्मीद बा तू एकदम पाकल पपीता लेखा मोटा के पियरा गइल होखबू.....
हमरा पकिट से पइसा चोरा के दू चार थान गहना बनवाके टोला मोहल्ला में बता देले होखबू की "हमरा नइहर से मिलल बा।" बाकी तू हमरा के जरूर मिस करत होखबू....झगड़ा करे के जब कब मन करत होइ तब तब हमार इयाद आवत होइ....
हमार करेजा....भले तहार मुंह ममता बनर्जी लेखा होखे बाकी हम तहरा के आलिया भट्ट के  मौसी से कम ना समझेनी.....
भले तू किरीम पोतके आ सतरह मिनट मेकअप क के मारिया शारापोवा बना बाकि हमरा तू सेरेना विलियम्स ही लागेलू...
अब खिसिया मत....देखा आज हमरा तहरा  बियाह के चार बारिष भ गइल...जब नया नया तू घर में उतरलू त बुझाइल की हातना  शरीफ मेहरारु आ रहनदार मेहरारू त लालटेन चटाई लेके दस गांवे खोजला प ना मिली.....
तहार समय से उठल आ घर में सबके गोड़ लागल हमार सेवा कइल सबके टाइम टाइम से खाना चाह दिहल....माई बाबूजी के सेवा कइल...इ सब बुझाव की हम दिनहि में सपना देखत बानीं......की कवना जनम के हीरा दान कइले रहनी की हइसन रहनदार मेहरारु मिल गइल...एकदम इन्नर के परी लेखा।
बाकी धीरे धीरे समय बीतत गइल..तू  रवीना टण्डन से कब राबड़ी देवी हो गइलू हमरा ना बुझाइल.....आ चन्द्रमुखी से सूर्यमुखी आ फेर ज्वाला मुखी कब हो गइलू इत हमरा पते न चलल....
धीरे धीरे कब हम पत्निव्रता पति हो गइनी इहो ना बुझाइल....ई शोध के लमहर चाकर बिषय बा।
कब हम गोड़ मिसवावत मिसवावत तहार गोड़ मिसे लगनी...कब खाना खात खात खाना बनावे लगनी...बर्तन मांजे लगनी पते ना चलल.....
आज पता चलल ह की..तू हमार लमहर चाकर जीवन  खातिर करवा चउथ भूखल बाड़ू.. इ हमरा जानी के खूब रोये के मन करत बा..
मन करता की लाउडस्पीकर लगवा के भर गांवे हाला क दी की..हमार पिंकिया के माई हमरा से बहुते परेम करेले....मने तू कातना कष्ट करत बाड़ू हमरा खातिर...
हम जानते ना रहनी...भले तू हमरा से झाड़ू लगवावेलू....कबो कबो बर्तन भी मजवा ले लू...अउर त अउर आधी आधी रतिया खानी उठ के कहेलू की "ए जी तनी गोडवा दबा दी ना" बाकी हई हमरा से तहार कष्ट देख नइखे जात..
हम इहे सोचत बानी की रोज तू दिन में  तीन हाली खालू दिन भर हमरा पेयार में कइसे भुखासल रहबू...
अब भूखल बाड़ू त ठीक बा.
सांझी खा खूब नीक से सज संवर के स्काइप प अइहा हम तहरा के ऑनलाइन ही देख के आपन सरधा पूरा लेब....आ तू चलनी में हमरा के देख के पानी पीके पारन क लिहा।
आ सूना आगे बड़ी परब त्यौहार बा..दिवाली आई फेर छठ आई एक से एकही दिन जाके तनी ब्यूटी पार्लर मेंजवन जवन पोतवावे के होइ तवन पोतवा लिहा.....
हम पइसा भेज देले बानी...आ दिवाली में पिंकिया के पड़ाका मत बजावे दिहे..
हमार फुलझड़ी...देख एह बेरी के हम फगुआ में आइब त तहरा के झुलनी बनवाइब...शिसमहल में निरहुआ के फिलिम भी देखाइब...
कवनो बात के चिन्ता मत करिह..जियत जिनिगी में हम तहरा सवख सरधा में कमी ना होखे देब..खूब नीमन से झमका के रहिहा....
तनी माई बाबूजी आ पिंकिया के खेयाल रखिहा..
बाकी सब ठीक बा. डीह बाबा काली माई हमनी के कुशल मंगल राखस।
ह एने हमरा बुझा गइल बा की मोदी जी काहें मेहरारू छोड़ दिहले।

तहार हसबेंड
खेदन सिंग।

No comments:

Post a Comment

Disqus Shortname

Comments system